6.6.06

लकीरों के गुलाम है सब

लकीरों के गुलाम है सब॥
मेहनत से क्यों नाराज है सब॥

खुद के बाजू पे नही करते भरोसा
॥
चलती है इनकी नाव राम भरोसा॥

नसीब के कांधे पे हमेशा रोते है ये
॥
किसी के सहारे भरोसे हमेशा रेहते है ये॥

आसमान किसी के सहारे खडा नही रेहता
॥
सहारे भरोसे असमान के ख्वाब देखते है ये॥

No comments: